Tuesday, March 03, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली: सोने की चेन-अंगूठियों का शौक बना शख्स की मौत की वजह, दोस्तों ने हत्या करके शव के टुकड़े किए, बोरे में भरकर फेंका

दिल्ली: सोने की चेन-अंगूठियों का शौक बना शख्स की मौत की वजह, दोस्तों ने हत्या करके शव के टुकड़े किए, बोरे में भरकर फेंका

Reported By : Abhay Parashar Edited By : Rituraj Tripathi Published : Mar 03, 2026 02:09 pm IST, Updated : Mar 03, 2026 02:09 pm IST

दिल्ली के द्वारका में एक शख्स का सोने की चेन और अंगूठियों को लेकर शौक ही उसकी मौत की वजह बन गया। शख्स के दोस्तों ने पैसों के लालच में उसका कत्ल कर दिया।

Delhi- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT सोने की चेन-अंगूठियों का शौक बना मौत की वजह

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका में एक शख्स की उसके ही दोस्तों ने हत्या कर दी और शव के कई टुकड़े करके उन्हें बोरी में भरा और फिर फेंक दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक शख्स के हाथों में सोने की अंगूठी और चेन देखकर उसके दोस्तों को लालच आ गया था। इसी लालच में दोस्तों ने शख्स की हत्या की।

दोस्तों ने शख्स को कमरे में बुलाकर पैसों की डिमांड की। इसके बाद उसकी हत्या करके शव के टुकड़े कर अलग-अलग बोरे में भर दिया गया। हत्या करने के बाद मृतक का फोन कब्जे में लेकर ऑन रखा गया ताकि लोगों को लगे कि वो जीवित है। सबूत मिटाने के लिए मथुरा की तरफ जाते हुए आरोपियों ने अपना फोन भी साथ नहीं रखा, ताकि पुलिस जांच में ट्रैक न कर सके।

दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा

दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले की नारकोटिक्स टीम ने इस ब्लाइंड केस का खुलासा कर दिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 18 फरवरी को अनुरूप गुप्ता को उसके एक दोस्त ने बिंदापुर इलाके में किराए के कमरे में बुलाया और 19 को मिलकर उसकी हत्या कर दी।

अनुरूप गुप्ता (48 साल) छत्तीसगढ़ कैंटीन को चलाता था। उसे हाथों में सोने की अंगूठियां और गले में चेन पहनने का शौक था लेकिन उसका यही शौक उसकी हत्या की वजह बन गई। हत्यारों ने उसका मोबाइल फोन ऑन रखा और लगातार लोगों को मैसेज के जरिए बातचीत करते रहे ताकि सभी को लगे कि वो जिंदा है।

4 दिन तक उससे रिश्तेदारों की बात नहीं हुई तो मृतक की बहन ने पुलिस को 23 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज करवा दी। द्वारका के छत्तीसगढ़ भवन की कैंटीन में 48 साल के अनुरूप गुप्ता आखिरी बार देखे गए। बाहर उनकी कार खड़ी थी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि चार लोगों ने उनके लिए मौत का जाल बिछा रखा है।

रात होते ही अनुरूप गुप्ता गायब हो गए। उनकी गाड़ी मथुरा टोल पर दिखी। आरोपी इतनी चालाकी से चल रहे थे कि बिना मोबाइल के ट्रैवल कर रहे थे, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रैक न कर सके। लेकिन एक छोटी सी गलती, एक स्कूटी, पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बनी। 

जांच में खुलासा हुआ कि बिंदापुर के एक किराए के घर में अनुरूप गुप्ता की हत्या की गई। चार लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। शरीर के टुकड़े किए गए। बोरों में भरकर गाड़ी में रखा गया और रात के अंधेरे में वृंदावन की तरफ निकल पड़े।

वृंदावन जाते वक्त टुकड़ों को यमुना नदी में फेंक दिया गया। मकसद साफ था कि सबूत मिटा दो, केस खत्म। लेकिन अपराधी भूल गए थे कि कानून की पकड़ लंबी होती है। एक आरोपी की स्कूटी ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से यमुना नदी से शव के सभी पार्ट्स रिकवर कर लिए। चार आरोपी, जिनमें एक लड़की भी शामिल है, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement